शिमला। बहुचर्चित मनीषा मर्डर केस में शिमला पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका मनीषा मित्तल का सगा भाई हिमांक मित्तल ही इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और शूटरों को सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया।
पुलिस के अनुसार, मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक और उसके बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई।
8.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर रची गई साजिश
ASP मेहर पंवर ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था, जिससे वह मनीषा की गतिविधियों और आने-जाने पर लगातार नजर रख रहा था।
किराए की कार और शूटरों को पैसे
पुलिस जांच के अनुसार गोविंद ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराए पर ली और दोनों शूटरों को उपलब्ध करवाई। इतना ही नहीं, गोविंद ने ही मुख्य शूटर दीपक के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे।
विदेश भागा आरोपी, रोहतक से दबोचा गया
हत्या के बाद आरोपी गोविंद पुलिस से बचने के लिए विदेश चला गया था। वापस लौटने के बाद भी उसने अपना मोबाइल बंद रखा और लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और लगातार तलाश के बाद 28 जून को पुलिस ने उसे रोहतक (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया। अदालत से उसका चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
वहीं, मामले के मुख्य आरोपी हिमांक मित्तल को भी 29 जून को रोहतक से गिरफ्तार किया गया।
यह भी पढ़ें: Ambala Borewell News: 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 वर्षीय मासूम निर्भय, सेना-NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सभी चार आरोपी गिरफ्तार
ASP मेहर पंवर ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और गहन जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया गया है। इस मामले में शामिल सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र और आर्थिक लेन-देन के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
