भिवानी। नागरिक अस्पताल के सामने से रेहड़ियां हटाने की नगर परिषद की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को रेहड़ी संचालकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में रेहड़ी संचालक धरना स्थल पर एकत्र हुए और अपने रोजगार को बचाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे रेहड़ी संचालकों का कहना है कि वे कई वर्षों से नागरिक अस्पताल के आसपास अपना व्यवसाय कर रहे हैं। अचानक की गई कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उन्हें हटाने से पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए।
रोजगार पर संकट, रेहड़ी संचालकों ने उठाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान रेहड़ी संचालकों ने कहा कि उनका परिवार इसी व्यवसाय पर निर्भर है। बिना किसी स्थायी व्यवस्था के रेहड़ियां हटाए जाने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
संचालकों का कहना है कि यदि प्रशासन उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराता है तो वे वहां अपना व्यवसाय करने को तैयार हैं, लेकिन अचानक हटाने की कार्रवाई उचित नहीं है।
यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
वहीं इस पूरे मामले पर ट्रैफिक थाना प्रभारी (SHO) ने कहा कि नागरिक अस्पताल के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर किसी भी प्रकार का जाम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आम नागरिकों, मरीजों तथा एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
समाधान की तलाश में दोनों पक्ष
रेहड़ी संचालकों और प्रशासन के बीच जारी इस विवाद के बीच अब सभी की निगाहें संभावित समाधान पर टिकी हैं। रेहड़ी संचालकों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी आजीविका को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।
वहीं प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं और यातायात व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई मध्य मार्ग निकलने की संभावना जताई जा रही है।
