कैथल में शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से करीब 2.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पीड़ित सेवानिवृत्त शिक्षा विभाग कर्मचारी ने फेसबुक पर शेयर मार्केट निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए उसे अधिक मुनाफे का लालच दिया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एसबीआई सिक्योरिटीज से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट पर वर्चुअल वॉलेट बनवाया और वीडियो केवाईसी कराकर उसका विश्वास जीत लिया। शुरुआत में 50 हजार रुपये निवेश करवाए गए और भरोसा कायम करने के लिए 1,000 रुपये वापस भी भेजे गए।
इसके बाद आरोपियों ने लगातार बड़े मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा करवाए। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पीड़ित के वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक लाभ दिखाया जाता रहा, जिससे वह लगातार निवेश करता रहा।
जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कंपनी कमीशन और अन्य शुल्क के नाम पर भी लाखों रुपये जमा करवा लिए। बाद में बैंक से जानकारी लेने पर उसे ठगी का पता चला।
शिकायत के आधार पर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन कैथल में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना प्रभारी एसआई रणदीप सिंह की टीम ने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मीरपुर कोनिया निवासी संजय कुमार, सतरोहन कुमार और अंबापुर निवासी दलीप को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संजय और सतरोहन के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया गया था, जबकि आरोपी दलीप ने कमीशन के बदले इन खातों को अन्य आरोपियों तक पहुंचाया था।
पुलिस ने आरोपी दलीप को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि अन्य दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
